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कोरबा

चेक बाउंस मामले में आरोपी को अर्थदंड के साथ कारावास की सजा

कोरबा | चेक बाउंस के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कटघोरा की एक अदालत ने आरोपी को अर्थदंड के साथ 6 माह कारावास की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि एक माह के भीतर नहीं देने पर दो माह अतिरिक्त कारावास में आरोपी को काटना होगा।

जानें क्या है मामला

दीपका थानांतर्गत ग्राम दुरैना निवासी भरत दास पिता फूल सिंह नामक ग्रामीण ने 21 दिसंबर 2016 को ग्रोसरी शॉप के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की दीपका शाखा से एक लाख रुपए का ऋण लिया था। इस ऋण को चुकता करने के लिए उसने चेक क्रमांक 493581 दिनाक 7.12.2018 रकम एक लाख 20 हजार रुपए दिया था, जो उसके खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। इसकी जानकारी बैंक के शाखा प्रबंधक द्वारा देते हुए चेक दाता (आरोपी) भरत दास को ऋण की राशि अदायगी करने को कहा गया लेकिन उसने राशि जमा करने में कोई रूचि नहीं दिखाई । तब बैंक द्वारा अपने अधिवक्ता धनेश सिंह के माध्यम से आरोपी को विधिक नोटिस भेजा गया जो 13.12.2018 को प्राप्त हो गया।

नोटिस मिलने के बावजूद जब वह 15 दिवस के भीतर बैंक की राशि का भुगतान करने में विफल रहा तो छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक ने अपने अधिवक्ता धनेश सिंह के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कटघोरा की अदालत में वाद दायर कर दिया। जिसमें आरोपी से चेक में वर्णित रकम एक लाख 20 हजार की दुगुनी राशि एवं विधिक व्यय दिलाए जाने तथा आरोपी को विधि अनुसार दंडित किए जाने की अपील की गई।

न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज दीक्षित ने सुनाया ये फैसला

याचिका पर अदालत में सुनवाई होती रही। इस दौरान आरोपी तथा वाद दायर करने वाले बैंक के शाखा प्रबंधक ने अपने- अपने पक्ष रखे। जिसमें आरोपी पक्ष अपना बचाव करने में विफल रहा। फलस्वरूप न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज दीक्षित ने आरोपी भरत दास को चेक बाउंस की धारा 138 के मामले में दोषी मानते हुए अर्थदंड के साथ बा 6 माह साधारण कारावास की सजा सुनाई।  साथ ही यह भी कहा कि आरोपी द्वारा धारा 357 द.प्र.सं. के तहत रुपए एक लाख 60 हजार प्रतिकर के रूप में परिवादी बैंक को देना होगा। आरोपी द्वारा प्रतिकर की राशि एक माह में अदा नहीं करने पर उसे दो माह का कारावास पृथक से भुगतना पड़ेगा।

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